एक दिन प्रधानाचार्य ने अरविंद कुमार को अपने कार्यालय बुलाया और सभी संविदा कर्मियों से प्रतिमाह 10 हजार रुपये इकट्ठा कर बीते 10 माह का 80 हजार रुपये उसे देने को कहा। ऐसा न करने पर उसने अरविंद को नौकरी से निकालने की धमकी दी। अरविंद ने कहा कि इस रकम को 50 हजार कर लो, लेकिन राजेश कुमार नहीं माना। ऐसे में अरविंद ने सीबीआई से शिकायत कर दी। सीबीआई ने ट्रैप टीम बनाई और अरविंद के साथ केंद्रीय विद्यालय हरिद्वार भेज दी। आरोपी को मंगलवार दोपहर को स्कूल में ही 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।