उत्तराखंड में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति के चयन में पारदर्शिता के लिए अब पैनल में शामिल सभी उम्मीदवारों का राजभवन में साक्षात्कार होगा। इसके बाद कुलपति का चयन होगा। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी।
राजभवन की ओर से उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन के साथ इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों को भी राजभवन की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर के साक्षात्कार के दौरान इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजकीय विश्वविद्यालयों में कुलपति के चयन की प्रक्रिया में सरकार की ओर से गठित सर्च कमेटी तीन से पांच नाम राजभवन को भेजती है। राजभवन की ओर से इनमें से कुलपति पद के लिए किसी एक का चयन किया जाता है, लेकिन अब राजभवन की ओर से इस प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया गया है।
राजभवन की ओर से नियुक्ति में पारदर्शिता के लिए अब पैनल में शामिल सभी उम्मीदवारों का साक्षात्कार करने एवं इसकी वीडियों रिकार्डिंग कराने की पहल की जाएगी। साक्षात्कार में राज्यपाल के साथ ही उनकी ओर से निर्दिष्ट राजभवन के उच्च अधिकारियों का पैनल भी रहेगा।
कुलपति पद के उम्मीदवार से अकादमिक, प्रशासनिक, मनौवैज्ञानिक, उनकी अभिरुचि, उनके विजन, उनकी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और जवाबदेही तभी तय की जा सकती है जब कुलपति पद सहित विश्वविद्यालय की सभी नियुक्तियां पूर्ण पारदर्शिता एवं स्वच्छता के साथ हों। इसके अलावा विश्वविद्यालयों की कार्य परिषद की बैठकों में भी पारदर्शिता एवं जवाबदेही तय करने के लिए बैठक में लिए गए निर्णयों की रिकार्डिंग की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर परिनियमों में भी बदलाव किया जाएगा।