ठेकेदार के दस्तावेज की जांच सही तरीके से होने के कारण अनुबंध निरस्त हुआ और मामला कोर्ट में गया। अब सरकार को पता ही नहीं है कि सड़क कब बनेगी। ठेकेदार ने भी 104 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा किया हुआ है।
सड़क की लागत बढ़ेगी, केवल 12 किलोमीटर सड़क बनी
कैग ने माना है कि केवल 12 किलोमीटर सड़क ही बन पाई है। इससे अब सड़क की लागत बढ़ना भी तय है। कैग ने कहा कि सीमांत और सामरिक महत्व को देखते हुए सरकार पहले औपचारिकताएं पूरी करे और इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का प्रयास करे।
अपने ही विधायक के कार्यस्थगन को झेल चुकी है सरकार
भराड़ीसैंण। इसी सड़क के मामले को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल अपनी ही सरकार के खिलाफ सदन में काम रोको प्रस्ताव भी ले आए थे। मुसीबत में फंसी सरकार ने उस समय किसी तरह से इस मामले को संभाला था। फर्त्याल की नाराजगी इस मामले को लेकर अब भी जारी है। ब्यूरो
राजस्व आय से ज्यादा हो रहा है प्रदेश सरकार का खर्च
प्रदेश सरकार अपने संसाधनों का उपयोग भी सही तरीके नहीं कर पा रही है। हाल यह है कि सकार का कर्मचारियों के वेतन, पेंशन सहित अन्य राजस्व मदों में खर्च तेजी से बढ़ रहा है और उस हिसाब से आय नहीं हो रही है। वर्ष 2014 से लेकर 2019 तक की लेखा परीक्षा में पाया गया कि प्रदेश सरकार के कुल खर्च का करीब 84 प्रतिशत तो राजस्व व्यय का ही था।
जबकि इसी अवधि में पंजीगत परिव्यय करीब 19 प्रतिशत पाया गया। राजस्व व्यय में 15 प्रतिशत के हिसाब से इजाफा हुआ और राजस्व आय करीब 13 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ी। रिपोर्ट में फिर केंद्र सरकार के स्तर से सीधे राज्य सरकार को करीब 701 करोड़ रुपये दे देने का मामला भी उठा है। यह पैसा संबंधित एजेंसी को दिया जाना था। केंद्र से मिलने वाले सहायता अनुदान में भी कमी आई लेकिन वर्ष 2017-18 में इसमें इजाफा हुआ।
ऊर्जा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों का भी फायदा नहीं मिल रहा है सरकार को
ऊर्जा क्षेत्र के चार सार्वजनिक उपक्रमों में प्रदेश सरकार का 31 मार्च 2019 को कुल निवेश करीब 6000 करोड़ रुपये था। इसमें से सिर्फ दो उपक्रमों को 88 करोड़ का लाभ हुआ और एक उपक्रम ने 553 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया।