नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के खिलाफ टिप्पणी के मामले की आंच को कांग्रेस ठंडा नहीं होने देने की कोशिश में है। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के दौरे के बाद एक बार फिर पीसीसी इस मामले को लेकर मंथन करेगी। कांग्रेस के दबाव का ही नतीजा रहा कि नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को भी कहना पड़ा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को माफ नहीं किया जा सकता।
कुछ समय पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के खिलाफ एक कार्यकर्ता सम्मेलन में टिपप्णी की थी। इस पर नाराज कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी और प्रदर्शन किया था। इसी बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने टिप्पणी पर खेद जताया तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हस्तक्षेप को देखते हुए भगत को रियायत दी जा सकती है। अब इंदिरा कह रहीं हैं कि भगत को किसी भी तरह से माफ नहीं किया जा सकता है।
इस मुद्दे की आंच को अब कांग्रेस किसी भी तरह से कम होने देने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। कांग्रेस अब इस मुद्दे को मातृशक्ति का अपमान बता रही है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के दौरे के तुरंत बाद ही इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समर्थक भी मुखर
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कितनी संजीदा है। यह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रुख से भी जाहिर हो रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता करन माहरा तक इस मामले को लेकर मुखर हैं। सामान्य रूप से ये विधायक नेता प्रतिपक्ष से दूरी बनाकर ही रहते आए हैं।