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बदरीनाथ हाईवे का 300 मी. हिस्सा मलबे में समाया, अल्मोड़ा में मकान ढहने से एक किशोरी की मौत

Wed, 04 Sep 2019 09:37 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
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पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में मलबा गिरने का सिलसिला थमने को नहीं है। सोमवार रात पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे यहां हाईवे का करीब 300 मीटर हिस्सा मलबे में समा गया है। वहीं अल्मोड़ा के विकास खंड धौलादेवी में गांव जाजर में अतिवृष्टि के चलते आज तड़के तीन बजे कमला देवी पत्नी स्व.देवीदत्त का मकान जमींदोज हो गया। मलबे में दब कर 19 वर्षीय किशोरी और दो जानवरों की मौत हो गई। घर में सोए अन्य चार लोगों और मवेशियों को ग्रामीणों ने बचा लिया गया।

बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में अब मलबा सीधे अलकनंदा में जा रहा है। एनएच की जेसीबी ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन भारी मलबे के कारण अभी हाईवे खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। प्रशासन ने बुधवार शाम तक हाईवे को सुचारु करने का दावा किया है। चार दिनों से अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे पर सोमवार को मात्र ढाई घंटे ही यात्रा वाहनों की आवाजाही हो पाई। इसके बाद हाईवे फिर अवरुद्ध हो गया। लामबगड़ चट्टान के शीर्ष भाग में दरार पड़ी हुई थी।

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दोपहर तक तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही भी बाधित रही

सोमवार रात को पहाड़ी का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से हाईवे का 300 मीटर हिस्सा मलबे में समा गया है। मलबा और पत्थर नदी तक बिखरे होने के कारण मंगलवार को दोपहर तक तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही भी बाधित रही।

एनएच की जेसीबी से अलकनंदा किनारे पैदल आवाजाही के लिए रास्ता बनाया गया। इसके बाद गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रोके गए 750 तीर्थयात्री लामबगड़ बाजार तक आधा किमी पैदल चलने के बाद फिर लोकल वाहनों से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए, जबकि 250 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर अपने गंतव्य को रवाना हुए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तीर्थयात्रियों को पैदल आवाजाही करा रही है। जोशीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल का कहना है कि हाईवे को खोलने के प्रयास जारी है। मौसम ने साथ दिया तो बुधवार तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। 

नारायणकोटी में तीन घंटे बंद रहा गौरीकुंड हाईवे

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग नारायणकोटी में भूस्खलन के कारण तीन घंटे तक बंद रहा। इस दौरान यात्रियों व स्थानीय लोगों को आवाजाही के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। बरसात से जनपद में पांच संपर्क मोटर मार्ग भी बंद पड़े हैं। मंगलवार सुबह सात बजे गुप्तकाशी से लगभग तीन किमी. आगे नारायणकोटी में पहाड़ी से भारी मलबा आने से गौरीकुंड राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। यहां काफी देर तक रुक-रुककर भूस्खलन होता रहा।

इसके बाद एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा दोनों तरफ से मशीनों की मदद से मलबा साफ कर सुबह सवा नौ बजे यातायात बहाल किया गया। सेरसी और जामू नर्सरी में भी भूस्खलन जोन सक्रिय होने से राजमार्ग आए दिन बंद हो रहा है। ऐसे में केदारनाथ आने वाले यात्रियों को भी खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही केदारघाटी के बाजारों में जरूरी सामग्री की सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है। एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि केदारघाटी में हो रही बरसात से हाईवे पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो गए हैं, जिस कारण यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। दूसरी तरफ बरसात से जनपद में गंगतल-डांगी-बैंजी, कोटखाल-जगतोली, बाड़ा-डुंगरा-बामसू-आरस्यूं-नैनादेवी, छेनागाड़-बक्सीर और गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-चौमासी मोटर मार्ग भी बंद पड़े हैं।
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एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद शव निकाला

अल्मोड़ा में धौलादेवी ब्लाक के तल्ली जाजर गांव में मंगलवार तड़के भारी बारिश के दौरान मकान ढहने से घर में सो रही रही  20 वर्षीय युवती की मलबे में दबने से मौत हो गई। मलबे की चपेट में गोशाला में बंधे दो पशु भी दब गए।  सूचना पर पुलिस के साथ ही आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती का शव बाहर निकाला। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को राहत राशि का चेक दे दिया है।

मंगलवार तड़के क्षेत्र में तेज बारिश के बीच सुबह करीब चार बजे कमला देवी पत्नी स्व. देवी दत्त का आवासीय मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। उस समय घर के लोग सोये हुए थे। मकान के सबसे अंदर के कमरे में सो रही कमला देवी की 20 वर्षीय पुत्री भावना के ऊपर भी भारी मात्रा में मलबा गिरने से वह उसमें दब गई। गोशाला में बंधीं एक गाय और बकरी भी मलबे की जद में आ गई। आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि सूचना पर पुलिस और आपदा प्रबंधन समेत एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया। बड़ी मात्रा में मलबा होने से युवती और मवेशियों के शव निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इधर, डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने एसडीएम भनोली को मौके पर जाकर राहत राशि देने के निर्देश दिए। बाद में तहसीलदार संजय कुमार घटना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को राहत राशि का चेक दिया। उनके साथ भाजपा नेता सुभाष पांडे भी थे। 

बाल-बाल बचे बहू और दो बच्चे 
घटना के दिन कमला देवी गांव से बाहर थी जबकि उनकी बहू और दो बच्चे भी घटना में बाल-बाल बच गए। बताया गया है कि तीनों बाहर के कमरे में सोए थे। मकान गिरने की आवाज सुनने के बाद बहू की नींद खुल गई तथा वह दोनों बच्चों को साथ लेकर बाहर की तरफ दौड़ पड़ी। 

बूड़ाधार में बारिश से आवासीय मकान क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के कारण विकासखंड भैसियाछाना के बूड़ाधार गांव में एक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। राजेंद्र राम पुत्र रतन राम के मकान का एक हिस्सा भारी बारिश में भरभरा कर गिर गया। पीड़ित परिवार को गांव में ही अन्य लोगों के यहां शरण लेनी पड़ रही है। मामले की जानकारी राजस्व विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि राजेंद्र राम का परिवार काफी गरीब है मकान टूटने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी राजस्व उपनिरीक्षक कनारीछीना को दे दी गई है।
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