स्वामी रामदेव ने दावा किया कि कोरोना तो छोड़िए, सालाना एक करोड़ लोगों की मौत गंभीर बीमारियों में एंटीबायोटिक के दुष्प्रभाव से होती हैं। बाबा ने कहा कि 99.99 फीसदी मामलों में दवा की जरूरत ही नहीं है। हमारे शरीर में ही बीमारियों का इलाज छिपा है। उन्होंने कहा कि बुखार के लिए दवा की जरूरत ही नहीं है। अस्पतालों में शरीर का तापमान कम करने के दिए दवा देते हैं न कि बुखार किस वजह से आ रहा है उसका इलाज करते हैं।
थोड़ा खुद पर भी खर्चा कर लो
स्वामी रामदेव आयुर्वेद और नेचुरोपैथी इलाज के लिए साधकों को प्रेरित कर रहे हैं। पतंजलि में बीमारियों के हिसाब से नेचुरोपैथी इलाज के अलग-अलग पैकेज हैं। योग शिविर में बाबा कहते हैं, बहुत से लोग शिकायत करते हैं नेचुरोपैथी इलाज और आयुर्वेदिक दवाएं महंगी हैं। बहुत से कहते हैं, पैसे नहीं हैं। साधकों से कहते हैं पैसे पड़ोसी को थोड़ी दे रहे हैं। अपने पर भी कुछ खर्च कर लो। थैरेपी पूरी होने पर ही लाभ मिलेगा।