वहीं, मलारी से आगे सड़क पर बिछी बर्फ को हटाने का काम भी जारी है। बीआरओ की तीन जेसीबी बर्फ हटाने में लगी हैं। सड़क से बर्फ हटने के बाद बीआरओ ने सुरक्षित बचे मजदूरों को वाहनों से जोशीमठ पहुंचाया। वहीं सुमना क्षेत्र में सोमवार को हालांकि चटख धूप खिली रही, लेकिन चारों ओर जमा भारी बर्फ से यहां ठंड पड़ रही है। दोपहर बाद आंधी चल रही है।
बर्फ के कारण सेना के जवानों को रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं सेना के दो हेलीकॉप्टर भी दिनभर जरूरी सामग्री को सुमना पहुंचाने में लगे रहे। हादसे के बाद से सेना और बीआरओ के उच्च अधिकारी भी जोशीमठ और सुमना में रेस्क्यू अभियान की लगातार मॉनीटरिंग में लगे हैं।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि सुमना में रेस्क्यू लगातार जारी है। बीआरओ के मजदूर सेना के कैंप में हैं। उन्होंने बताया कि जोशीमठ लाए जा रहे शवों का पोस्टमार्टम कर मृतकों के मृत प्रमाणपत्र बनाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
भारत-चीन सीमा पर बीआरओ की ओर से सड़क मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। बीआरओ की जेेसीबी दिन-रात बर्फ हटाने में लगी हैं, जिससे जल्द से जल्द आपदा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचा जा सके। बीआरओ अभी तक मलारी से 16 किलोमीटर तक सड़क सेे बर्फ हटा चुका है, जबकि 25 से 30 किमी तक बर्फ और हटानी होगी।
सुमना में आपदा प्रभावित क्षेत्र तक सड़क बर्फ में ढकी होने के कारण हेलीकॉप्टर से ही राहत-बचाव कार्य चल रहे हैं, जिसे देखते हुए बीआरओ ने मलारी से आगे सड़क को खोलने में पूरी ताकत लगा रखी है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि अभी 25 से 30 किमी तक बर्फ हटानी बाकी है। दो-तीन दिन में सड़क से बर्फ हटा ली जाएगी।