कोटद्वार की नदियों में हो रहे अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई न करने पर दो दिन पहले मंत्री के आदेश पर हटाए गए लैंसडौन के डीएफओ दीपक सिंह की जगह अब सहायक वन संरक्षक अमरेश कुमार को भेजा गया है। अमरेश अब तक प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी, भूमि संरक्षण वन प्रभाग का काम देख रहे हैं। डीएफओ लैंसडौन की उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
कोटद्वार वन प्रभाग के अंतर्गत निकलने वाली नदियों से लगातार अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी। वन मंत्री ने खुद मौका-मुआयना कर इन शिकायतों को सही पाया था। उन्होंने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि नदियों में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो रखे हैं।
रीवर ट्रेनिंग में जो आरबीएम निकाला जाता है, उसके ढेर नदी किनारे होने चाहिए, लेकिन यहां डीएफओ की देखरेख में यह आरबीएम शहर के बाहर बेचा गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल डीएफओ को वन मुख्यालय अटैच कर दिया गया है, मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
इस बीच शासन ने डीएफओ दीपक सिंह की जगह अब डीएफओ अमरेश कुमार को लैंसडौन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी है। इधर, विभागीय सूत्रों ने बताया कि अवैध खनन मामले की जांच मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल को सौंपी जा रही है।