मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिए कि वह दोनों गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए बनाई गई कार्ययोजना पर देव रतूड़ी के साथ मिलकर कार्य करें। उन्होंने उत्तराखंडी प्रवासियों द्वारा गोद लिए जाने वाले गांवों में सरकारी योजनाओं तथा व्यक्तिगत प्रयासों के प्रभावी समन्वय पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन गांवों में निर्माण कार्यों की अपेक्षा आर्थिक विकास, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, होम स्टे, आर्गेनिक फार्मिंग, स्थानीय उत्पादों एवं मिलेट्स की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने जिलाधिकारी को इन गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ से सुधीर नौटियाल, देव रतूड़ी, ग्राम प्रधान कैमरिया सौंण हरिभजन सिंह रावत तथा टिहरी जिला प्रशासन के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।
दोनों गांवों में होंगे ये प्रमुख कार्य
दोनों गांवों में शत प्रतिशत सोलर पैनल कवरेज, होम स्टे विकसित करने, शत प्रतिशत साक्षरता के लिए अभियान चलाकर बुजुर्गों को भी शिक्षित करने, गांव की खाली जमीन पर मंडुआ, झंगौरा जैसे स्थानीय मिलेट्स की खेती करने, गांवों की सामूहिक संवाद की परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए पंचायत घर में समय-समय पर सामूहिक भोज आयोजित करने तथा गांव में ही आजीविका के अवसर बनाकर पलायन रोकने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए गए।