शनिवार को गाधारोणा गांव के एक ही परिवार के बदलू गिरी, मिन्नो और नंदनी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं दूसरी ओर, गाधारोणा गांव में बुखार से पीड़ित मेघराज (56) की मौत हो गई है।
बताया गया है कि वह 10 दिन से संदिग्ध बुखार पीड़ित थे और गांव के ही झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे। शनिवार की सुबह उन्हें खून की उल्टी हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई। संदिग्ध बुखार से गांव में यह दूसरी मौत है। इससे पहले इरशाद उर्फ सादा की भी बुखार से मौत हो चुकी है।
उधर, भलस्वागाज में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजी गई दवा का कुछ जगहों पर छिड़काव कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के हालात का सही अंदाजा लग सकेगा। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि मंगलौर के हरजौली में शिकायत के बाद 24 अक्तूबर को शिविर लगाकर 38 के सैंपल लिए गए हैं।
मलेरिया के लिए गए 22 सैंपल निगेटिव आए हैं। गाधारोणा में हुई मौत के बाद टीम ने जानकारी ली है। इसमें पता चला है कि मृतक मेघराज के पेट में दिक्कत थी। बुखार के कारण मौत नहीं हुई है। इसके अलावा मंगलौर क्षेत्र के मुंडलाना गांव में शनिवार को आई रिपोर्ट में 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुइ है।
हरिद्वार जिले में बढ़ते डेंगू के मामलों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने विकास भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक की। उन्होंने डेंगू की रोकथाम के लिए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर डेंगू विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उधर, डेंगू के कुल मामले अब तक 167 पहुंच गए हैं। शनिवार को भी 45 नए मामले सामने आए। ये सभी मामले रुड़की क्षेत्र के हैं।
मौसम के करवट बदलने के बाद भी डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम ठंडा होने के बाद भी डेंगू के केस हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। जबकि माना जाता है कि मौसम ठंडा होने के बाद डेंगू का असर कम हो जाता है। 19 और 20 अक्तूबर को हुई बारिश के बाद हुए जलभराव से डेंगू के मामले बढ़े हैं। जिससे शनिवार को भी रुड़की क्षेत्र के गाधारोणा में 33 और मुंडलाना में 12 मामले सामने आए। हालांकि, धर्मनगरी हरिद्वार में डेंगू के नए केस सामने नहीं आ रहे हैं। अभी तक महज सात केस यहां मिले हैं।
इनमें ऋषिकुल कॉलोनी में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। डेेंगू के बढ़ते हुए मामलों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में डेंगू के खात्मे के लिए विशेष अभियान शुरू किए जाएं। लोगों को जागरूक करने के साथ ही डेंगू का लार्वा नष्ट कराने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव और जमा पानी को नष्ट कराया जाए। कहा कि डेंगू को कंट्रोल कर लोगों को बचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार, एडीएम राजस्व एवं वित्त बीर सिंह बुदियाल, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एचडी शाक्य, जिला मलेरिया अधिकारी गुरुनाम सिंह, आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा आदि मौजूद रहे।