शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने कहा कि गेस्ट टीचरों के मामले में पूर्व में सुप्रीम कोर्ट से एक फैसला आया है। जिसमें इनके पदों को खाली माना गया है। राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री डॉ. हेमंत पैन्युली ने कहा कि गेस्ट टीचरों के पदों को खाली न माने जाने के फैसले का संगठन विरोध करता है।
उधर गेस्ट टीचरों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने पहाड़ के युवाओं और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के हित में फैसला लिया है। इस फैसले से नियमित शिक्षकों के तबादले और प्रमोशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गेस्ट टीचरों के पदों को खाली न माने जाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। संगठन गेस्ट टीचरों का मानदेय बढ़ाने एवं उनकी गृह जिलों में तैनाती के फैसले का स्वागत करता है, लेकिन उनके पदों को खाली न माने जाने से नियमित शिक्षकों के तबादले एवं प्रमोशन के रास्ते बंद होंगे।
- केके डिमरी, प्रदेश अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ
सरकार के गेस्ट टीचरों के मामले में लिए गए फैसले का विरोध अनावश्यक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहली कैबिनेट ने पहाड़ के युवाओं के हित में यह फैसला लिया है। नियमित शिक्षकों के तबादले एवं प्रमोशन के लिए कई स्कूलों में पद खाली हैं।
- दौलत जगुड़ी, प्रांतीय महामंत्री माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ