फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: राज्य की ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने की तैयारी, 30 करोड़ का प्रस्ताव प्राधिकरण को भेजा गया

Fri, 04 Apr 2025 08:30 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

इस वर्ष पांच झीलों का अध्ययन कराने की योजना है। ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने के लिए  30 करोड़ का प्रस्ताव राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा गया है।
विज्ञापन
बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्य की ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में 30 करोड़ का प्रस्ताव राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा गया है। इस वर्ष पांच झीलों का अध्ययन कराने की भी योजना है।

राज्य में 13 ग्लेशियर झीलें चिन्हित की गई हैं, जिनमें से पांच अधिक संवेदनशील हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ऐसी झीलों का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसके तहत पिछले साल चमोली जिले स्थित वसुंधरा ताल का अध्ययन किया है।

विज्ञापन


इस वर्ष पिथौरागढ़ जिले की संवेदनशील पांच और गंगोत्री से आगे केदारताल का भी अध्ययन कराने का फैसला किया है, जिससे संबंधित तालों की स्थिति का पता किया जा सके। इसके अलावा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ग्लेशियर झीलों पर सेंसर लगाने की योजना बनाई है, जिससे अगर झीलों में कोई बदलाव हो तो उसका पता चल सके और जरूरत होने पर सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें। ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को 30 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: इस बार रिकॉर्ड समय में घोषित होगा बोर्ड का रिजल्ट, दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने दी है परीक्षा

इस साल पांच झीलों का अध्ययन कराने की योजना है। इसमें पिथौरागढ़ की चार ग्लेशियर झील हैं। इसके अलावा सेंसर लगाने की भी योजना है। एनडीएमए को सेंसर लगाने के लिए तीस करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।  - विनाेद कुमार सुमन, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास

विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें