उत्तराखंड में कोविड-19 महामारी के कारण चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ हेली सेवा का संचालन न होने से सरकार को 17 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है। वर्ष 2020-21 में हेली सेवाओं से लैंडिंग पार्किंग, चार्टर, शटल रायल्टी से 6.85 करोड़ का राजस्व मिला है। जबकि गत वर्ष 23.92 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी।
केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाएं संचालित की जाती है। गत वर्ष चारधाम यात्रा से ठीक पहले कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। जिससे पूरी यात्रा प्रभावित रही। एक जुलाई से सरकार ने चारधाम यात्रा का संचालन किया।
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लेकिन हेली सेवाओं को अनुमति नहीं मिली। अक्तूबर में हेली सेवाओं को संचालन किया। जिससे सरकार के लैंडिंग पार्किंग, चार्टर, शटल रायल्टी से 6.85 करोड़ का राजस्व मिला है। वर्ष 2019-20 में हेली सेवाओं के संचालन से सरकार को 23.92 करोड़ का राजस्व मिला था। वहीं, 2018-19 वर्ष में 18.70 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।
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प्रदेश में यहां बनेंगे हेलीपैड
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार का हेलीपैडों के विस्तार व अवस्थापना विकास पर जोर है। गौजियाणा, भराड़ीसैंण, जोशीमठ, कोटी कॉलोनी, जोशियाड़ा, जखोल, देघाट स्याल्दे, डीडीघाट व मसूरी में हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
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कोविड महामारी से गत वर्ष चारधाम यात्रा प्रभावित हुई थी। जिससे केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं का संचालन काफी देरी से किया गया। जिस वजह से लैंडिंग पार्किंग, चार्टर, शटल रायल्टी से प्राप्त होने वाली धनराशि में कमी आई है।
- दिलीप जावलकर, सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग