उत्तराखंड में अब तक 165 अटल उत्कृष्ट स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता मिल चुकी है। जबकि मानक पूरे न करने की वजह से 24 स्कूलों को मान्यता नहीं मिल पाई है। समग्र शिक्षा अभियान के अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि इन स्कूलों की मान्यता के लिए राज्य सरकार की ओर से सीबीएसई के चेयरमैन को पत्र लिखकर मान्यता देने में शिथिलता मांगी गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से हर ब्लॉक के दो सरकारी स्कूलों को अटल उत्कृष्ट स्कूल के रूप में चयनित किया गया है। इन स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता दिलाई जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर स्कूलों को इसकी मान्यता मिल चुकी है, लेकिन अल्मोड़ा, चमोली, पौड़ी और पिथौरागढ़ में कुछ ऐसे स्कूल हैं। जो सीबीएसई की मान्यता के लिए तय मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इन स्कूलों में पर्याप्त कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, भूमि आदि की कमी है। जिसे देखते हुए सरकार की ओर से इन स्कूलों की मान्यता के लिए मानकों में शिथिलता मांगी गई है।
हिंदी और अंग्रेजी दोनो माध्यमों से होगी पढ़ाई
उत्तराखंड के समस्त अटल उत्कृष्ट स्कूलों में अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यमों से पढ़ाई होगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि अभिभावकों एवं बच्चों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास जगाने और शिक्षा के उच्च स्तर को प्राप्त करने के लिए इन स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। स्कूलों का संचालन सीबीएसई के मानकों के अनुसार कराने व उसके नियमों एवं कार्यक्रमों से परिचित कराने के लिए यह प्रशिक्षण कराया जाएगा।
प्रदेश में 165 स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता मिल चुकी है जबकि 24 अन्य स्कूलों को इसकी मान्यता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन स्कूलों के लिए तय मानकों में शिथिलता मांगी गई है।
- डॉ. मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान