मद धनराशि(करोड़ में)
राजस्व घाटा अनुदान 28,147
स्थानीय निकाय 4181
स्वास्थ्य 728
सांख्यिकी 25
न्याय 70
उच्च शिक्षा 83
आपदा 5178
राज्य के लिए खास 1600
पीएमजीएसवाई 2322
कृषि में सुधार 277
जमरानी और सौंग के लिए भी अनुदान
राज्य को विशेष अनुदान के तौर पर केंद्र सरकार ने जमरानी और सौंग के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया है। राज्य सरकार को जमरानी बांध परियोजना के लिए 950 करोड़ और सौंग बांध परियोजना के लिए 500 करोड़ की धनराशि मिलेगी।
आयोग ने राज्य के दो बड़े पर्वतीय शहरों का भी ख्याल रखा है। उसने राज्य के लिए खास मद में पौड़ी और नैनीताल को सीवर लाइन और सवच्छता कार्य करने के लिए 50 करोड़ के अनुदान की सिफारिश की है।
वनों को भी मिला वैटेज
राज्य को बेशक ग्रीन बोनस नहीं मिला है, लेकिन 15वें वित्त आयोग ने वनों को महत्व दिया है। अपनी अंतरिम रिपोर्ट में राज्य के वनों के लिए 7.50 प्रतिशत अनुदान का अधिमान (वेटेज) रखा गया था। यह अधिमान केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के तौर पर तय 47234 करोड़ रुपये में प्रतिबिंबित किया गया है।
15वें वित्त आयोग ने उत्तराखंड के लिए कुल 89,845 करोड़ की सिफारिश की है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारण और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह व आयोग के सभी सदस्यों का आभारी हूं। इससे उत्तराखंड में विकास कार्यों को संचालित करने में काफी मदद मिलेगी। आयोग ने राज्य के पक्ष को समझा और अपनी अहम सिफारिश दी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड