उत्तराखंड सचिवालय के 1388 कर्मचारियों में 421 ने आईएफएमएस पोर्टल पर आवेदन किया। इनमें से डीडीओ स्तर से केवल तीन का ही सत्यापन हो सका है।
बड़े विभागों में भी प्रगति निराशाजनक
अधिक कर्मचारी संख्या वाले बड़े विभागों में भी गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सुस्त सिस्टम की भेंट चढ़ गई है। पुलिस विभाग में 24336 कर्मचारियों में से 9887 की पोर्टल पर एंट्री है, इनमें से केवल 1905 को डीडीओ की मंजूरी मिली है।
माध्यमिक शिक्षा में 42888 कर्मचारियों में से 29296 ही पोर्टल पर एंट्री कर पाए हैं, इनमें से 15015 कर्मचारियों का ही सत्यापन हो सका है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 30872 कर्मचारियों में से 20933 ने पोर्टल में एंट्री की है। इनमें से केवल 8097 कर्मचारियों के डाटा का सत्यापन हो सका है। इसी तरह लोनिवि में 8426 कर्मचारियों में से 2477 की एंट्री हुई है और इसमें 890 का डाटा सत्यापित हुआ है।
आंकड़ों में सुस्त चाल की तस्वीर
165722 कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं
91843 कर्मचारियों की आईएफएमस पोर्टल पर एंट्री हुई
39789 कर्मचारियों की डीडीओ स्तर पर मंजूरी हो चुकी है
125933 कर्मचारियों का गोल्डन कार्ड अभी अधर में हैं
73,879 कर्मचारियों को पोर्टल पर अभी जानकारी दर्ज करनी है
23 फीसदी ही कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड की राह खुल पाई है
गोल्डन कार्ड की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शासन स्तर से लगातार निर्देश जारी हो रहे हैं। कर्मचारियों ने पोर्टल पर जो डाटा दर्ज किया है, उसका सत्यापन संबंधित विभागों के डीडीओ ही कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास कर्मचारियों की सर्विस बुक होती है, उसमें उनके परिवार के सदस्यों का ब्योरा होता है।
- अरुणेंद्र सिंह चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण
जो डीडीओ सत्यापन करने में हीलाहवाली कर रहे हैं, उनके खिलाफ शासन को कार्रवाई करनी चाहिए। परिषद से वादा किया गया था कि अक्तूबर महीने से सभी कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड मिल जाएगा। इसमें देरी से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
- अरुण पांडेय, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
हम सरकार से आयुष्मान कार्ड को लेकर लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन इसमें सुस्ती बरती जा रही है। यह चिंता का विषय है कि सचिवालय के करीब 1300 कर्मचारियों में से जिन 421 कर्मचारियों ने डाटा एंट्री की है, उनमें से केवल तीन का ही सत्यापन हो पाया।
- राकेश जोशी, महासचिव, उत्तराखंड सचिवालय संघ