इन छात्र-छात्राओं को पहली बार मिलनी है मुफ्त पाठ्य पुस्तकें
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को पहले से मुफ्त पाठ्य पुस्तकें दी जाती रही हैं, लेकिन पहली बार अशासकीय स्कूलों के कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं को भी मुफ्त पाठ्य पुस्तकें दी जाएंगी। इस पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की किताबों पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करती है।
किस जिले में कितने हैं सरकारी स्कूल
प्रदेश में पौड़ी जिले में सबसे अधिक 1994 सरकारी स्कूल हैं। अल्मोड़ा में 1713, बागेश्ववर में 768, चमोली में 1325, चंपावत में 682, देहरादून में 1296, हरिद्वार में 938, नैनीताल में 1349, पिथौरागढ़ में 1487, रुद्रप्रयाग में 765, टिहरी में 1901, ऊधमसिंह नगर में 1110 और उत्तरकाशी में 1173 सरकारी स्कूल हैं।
पहले डीबीटी के माध्यम से छात्रों के खाते में जाता था किताब का पैसा
प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को पहले मुफ्त किताबों के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा दिया जाता था, लेकिन वर्ष 2022 से छात्र-छात्राओं को विभाग की ओर से डीबीटी के माध्यम से पैसे के बजाए किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं।