परेशान परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों की खोजबीन शुरू की। बताया कि शाम को 4.30 बजे थ्री ब्लाइंड माइस रैपिड के पास मनीष के दोनों जूते और शिवानी का एक जूता मिला। पास ही एक बैग पड़ा था, जिसमें बाजार से लाया गया सामान था। जंगल की ओर दोनों के साथ में गया खच्चर भी मिल गया।
थाना प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि मौके से मिले जूते और बैग प्रथम दृष्टया में दोनों के गंगा में बहने की ओर इशारा कर रहे हैं। बताया कि अंधेरा होने के चलते अभियान को बीच में रोक दिया गया। शुक्रवार के एसडीआरएफ दोनों की गंगा में फिर से तलाश करेगी। बताया मनीष गांव में रहकर खच्चर चराता है।
घर में बड़ी बेटी को देखने आए थे मेहमान, आ गई बुरी खबर
शिवानी की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बड़ी बेटी के विवाह की बात चल रही है। बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी बेटी को देखने के लिए मेहमान घर आए थे। मेहमानों के दोपहर के भोजन की तैयारी के लिए उन्होंने देवर को गूलर बाजार सब्जी और अन्य सामान लेने के लिए भेजा था। देवर को बाजार से अपने खच्चर के लिए भूसा लेने भी जाना था। बेटी शिवानी भी जिद कर चाचा के साथ चली गई। बताया कि अगर उनको पता होता कि ऐसा हादसा हो जाएगा तो वह दोनों को बाजार सामान लेने के लिए कभी नहीं भेजते।