सिर्फ 250 करोड़ का बजट मिला
खेलों के लिए राजस्व और पूंजीगत मद में कुल 250 करोड़ रुपये का बजट मिला है, यानी इसमें ही विभागीय वेतन व अन्य खर्चों के अलावा खेल विकास भी करना होगा। विभाग को पिछले साल (2024-25) राष्ट्रीय खेलों के लिए 500 करोड़ से ज्यादा का बजट मिला था। इस बार उसमें सीधे 250 करोड़ की कटौती है, जबकि 2025-26 के लिए 864 करोड़ के बजट की मांग (प्रस्ताव) भेजी गई थी। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल संसाधनों का रखरखाव, विभिन्न खेलों के लिए अकादमी स्थापित करने, चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण, हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय, खेल विकास निधि आदि खर्च हैं। नए खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए उदयमान फंड में 16 करोड़ मांगे गए थे लेकिन उसमें भी सिर्फ 10 करोड़ मिले हैं।