भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे बुधवार को 12वें दिन भी सुचारू नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर टनों मलबा और बोल्डर जमा है। इसे हटाने में अभी दो दिन और लग सकते हैं। वहीं, मौसम खराब होने के कारण नीती घाटी में हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवान पैदल रास्ते पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
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वीरभट्टी पर यातायात सुचारू
वीरभट्टी पर बुधवार को यातायात सुचारू हो गया है। अब मार्ग खुलने के बाद फंसे हुए वाहनों के भेजा जा रहा है। कुमाऊं की लाइफ लाइन ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी के पास आए मलबे को हटाकर मंगलवार को पांचवें दिन बमुश्किल पांच घंटे तक ही यातायात सुचारू हो पाया था। दोबारा मलबा आने से मार्ग में एक बार फिर से यातायात ठप हो गया था। इस कारण पहाड़ की ओर जा रहे बड़े वाहन रास्ते में ही फंस गए थे। दोपहिया वाहन चालकों को नैनीताल-भवाली, भीमताल-रानीबाग मार्ग से भेजा जा रहा था।
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उत्तरकाशी में बादल छाए हैं। यहां बारिश होने की संभावना बन रही है। गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है। वहीं ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बुधवार की सुबह चार बजे से आठ बजे तक नरेंद्रनगर कुंजापुरी के समीप यातायात के लिए बंद हो गया था। बता दें कि मंगलवार बीती रात हुई बारिश के दौरान हाईवे पर कुंजापुरी के समीप मलबा और बोल्डर गिर गए थे।
राज्य के नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में अगले 24 घंटे में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके अलावा मौसम विज्ञानियों ने नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर तेज बौछारों के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जतायी है। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो राजधानी में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बीती रात बारिश के दौरान आईटीपार्क की एक बिल्डिंग में फंसे 12 लोग
वहीं इससे पहले मंगलवार को दिनभर देहरादून में बारिश का दौर चल रहा था जो देर रात तक जारी रहा। बीती रात देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नालों का पानी लोगो के घरों व अन्य संस्थानों में घुस गया। इस दौरान आईटी पार्क स्थित राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण बिल्डिंग में बारिश का पानी आने के कारण करीब 12 लोग फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम द्वारा सुरक्षित निकाला गया।
आईटी पार्क से आमवाला की ओर जाती हुई रोड में चौक पर जलभराव के कारण कुछ वाहन फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित रोड पार करवाई गई। बिंदाल नदी में जलस्तर बढ़ने से जलभराव हो गया। मौके पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची और झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया। वहीं गजवाड़ी और इंद्रानगर में भी नदी का पानी कॉलोनी में घुस गया, हालांकि बाद में जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
राजधानी व आसपास के इलाकों में कई दौर में हुई मूसलाधार बारिश
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्व चेतावनी के मुताबिक मंगलवार को राजधानी दून से लेकर देहात तक कई दौर की मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से राजधानी दून समेत आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
जहां राजधानी के के प्रमुख चौराहों दिलाराम चौक, सर्वे चौक, घंटाघर, महाराजा अग्रसेन चौक, कारगी चौक, बुद्धा चौक समेत दर्जनभर बड़े चौराहों पर जलभराव हो गया। वहीं राजधानी के कई इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आ जाने से भारी मुसीबत खड़ी हो गई।
मसूरी-दून मार्ग पर गलोगी धार के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबा
मसूरी में भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। मंगलवार को शहर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश से मसूरी-दून मार्ग पर गलोगी धार के पास पहाड़ी से मलबा और बोल्डर आने से सड़क बंद हो गई। जिससे मसूरी और देहरादून जाने वाले लोग घंटों तक परेशान रहे। गलोगी धार में पत्थर और मलबा आने से एक पर्यटक वाहन को नुकसान हुआ। वहीं हरियाणा की कार (नंबर एचआर 38 एए 2410) पर बोल्डर और पत्थर लगने से पर्यटक बाल-बाल बचे।
मानसून ने भले ही जून में दस्तक दी थी मगर अब तक कुमाऊं के कुछ जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। जुलाई 2021 में नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर में सामान्य से कम बारिश हुई। बागेश्वर में बदरा झमाझम बरसे।
एक अगस्त से 24 अगस्त के बीच चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में कम बारिश हुई। जुलाई में बागेश्वर जिले में 133 प्रतिशत अधिक बारिश हुई जबकि नैनीताल में 19, चंपावत में 32, पिथौरागढ़ में 25, अल्मोड़ा में 11 और ऊधमसिंह नगर में 18 प्रतिशत बारिश कम हुई। अगस्त में अल्मोड़ा में 41, चंपावत में 67, पिथौरागढ़ में 29, ऊधमसिंह नगर में 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बागेश्वर में 72 प्रतिशत और नैनीताल में एक प्रतिशत औसत बारिश से अधिक हो चुकी है।
जिला - जुलाई 2020 - अगस्त 2020 - जुलाई 2021 - अगस्त 2021 -जुलाई की औसत बारिश - अगस्त की औसत बारिश
नैनीताल - 372.6 - 349.9 - 399.7 - 353.6 - 491.9 - 350.7
चंपावत -265.9 - 192.3 - 322.4 - 103.7 - 473.2 - 317.3
पिथौरागढ़- 602.9 - 541.1 - 406.1 - 283 - 539.5 - 396.0
अल्मोड़ा - 217.7 - 239.5 - 241.1 - 131 - 273.3 - 220.2
बागेश्वर - 708.9 - 812.7 - 635.6 - 379.1 - 273.3 - 220.2
यूएस नगर -460.8 - 307.3 - 309.9 - 205.1 - 378.5 - 266.7
नोट : अगस्त 2021 की बारिश का आंकड़ा 01 अगस्त से 24 अगस्त 2021 तक का है।
मानसून की गति अभी तक सामान्य है। मानसून सितंबर में विदा होता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। -विक्रम सिंह निदेशक राज्य मौसम विज्ञान केंद्र