भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे के शुक्रवार तक खुलने के आसार हैं। बीआरओ की ओर से हाईवे के 500 मीटर हिस्से में से करीब 350 मीटर तक के हिस्से से मलबा और बोल्डर हटाए जा चुके हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यदि मौसम ने साथ दिया तो शुक्रवार तक हाईवे सुचारु कर दिया जाएगा। वहीं हाईवे बंद होने से नीती घाटी के ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घाटी के ग्रामीण भूस्खलन क्षेत्र से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
सुराईथोटा और तमक गांव के बीच चट्टान से हो रहे भूस्खलन के कारण 14 अगस्त से मलारी हाईवे बंद पड़ा है, जिससे नीती घाटी के 14 गांवों के करीब 500 भोटिया जनजाति के ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं। सीमा पर मुस्तैद सेना व आईटीबीपी के जवानों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और घाटी में बिजली सप्लाई भी ठप पड़ी है।
एसडीएम ने बताया कि मलारी तक संचार सेवा शुरू कर दी गई है, जल्द ही बिजली सप्लाई भी सुचारू कर दी जाएगी। वहीं बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो शुक्रवार तक हाईवे सुचारु कर दिया जाएगा। क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मलबे को हटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अनशनकारी ठाकुर सिंह राणा अस्पताल में भर्ती
नीती घाटी की विभिन्न समस्याओं को लेकर दो दिनों से जोशीमठ तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे पूर्व दायित्वधारी ठाकुर सिंह राणा की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई। इस पर पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें सीएचसी जोशीमठ में भर्ती कराया गया। उन्हें अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। नायब तहसीलदार प्रदीप नेगी ने बताया कि ठाकुर सिंह राणा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अनशनकारी को बताया कि एसडीएम ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद नायब तहसीलदार ने ठाकुर सिंह राणा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।