फूलों की घाटी से लेकर हेमकुंड साहिब तक जगह-जगह ब्रह्मकमल खिले हुए हैं। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बंद है। मानवीय आवाजाही कम होने से यहां ब्रह्मकमल बहुतायत में खिले हुए हैं। ब्रह्मकमल हेमकुंड के आस्था पथ पर भी खिले हुए हैं। यात्रा के दौरान ब्रह्मकमल का बड़ी मात्रा में दोहन हो जाता था, लेकिन इस बार यात्रा का संचालन न होने से घांघरिया से कुछ दूरी से ही ब्रह्मकमल दिखाई दे रहे हैं।
फूलों की घाटी जैव विविधता से भरी है। यहां कई प्रजाति के फूल और वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिनमें कई दुर्लभ प्रजाति के फूल भी हैं। घाटी में दो ऐसे फूलों को चिन्हित किया गया है, जो विषैले हैं। पर्यटकों को घाटी में प्रवेश करने पर सावधानी बरतनी चाहिए, किसी भी वनस्पति को छूने या तोड़ने से बचना चाहिए।
- अमित कंवर, निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व, गोपेश्वर, चमोली।