चमोली जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे के साथ ही संपर्क मार्गों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल भूस्खलन क्षेत्र में दलदल में तब्दील हो गया है। यहां छोटे वाहन दलदल में फंस रहे हैं।
इसके साथ ही पागलनाला, गुलाबकोटी, बिरही और हनुमान चट्टी से आगे जगह-जगह हाईवे पर मलबा आने से यातायात संचालन में दिक्कतें हो रही हैं।
जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर सड़कों की दशा सुधार ली जाएगी।
टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन से वाहनों का संचालन बेहद जोखिम भरा हो गया है। शनिवार को इस मार्ग पर स्वांला के पास बारिश के ही करीब 300 मीटर ऊंची पहाड़ी भरभरा कर गिरने लगी। राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे यह सड़क फिर बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। रविवार शाम तक मार्ग खुलने की संभावना है।
कार्यदायी संस्था एनएच की ओर से जेसीबी और पौकलैंड माध्यम से मलबे को साफ किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वांला गांव भी भूस्खलन की जद में आ गया है। गांव के दोनों तरफ लगातार पहाड़ खिसकने से गांव को खतरा पैदा हो गया है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
ग्राम प्रधान ममता भट्ट ने बताया कि स्वांला गांव के 80 परिवारों को लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का डर दिन रात सता रहा है। लगातार एनएच पर ऊपर से पहाड़ी का दरकना गांव वालों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
इधर, भारतोली के पास पहाड़ी दरकने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। पुलिस ने मरोड़ाखान में बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही को पूर्ण रूप से रोक दिया था। राजमार्ग बाधित होने से सड़क पर लगे जाम में लोहाघाट व पिथौरागढ़ से आने जाने वाले कई वाहन फंस गए। रात के समय पुलिस ने फंसे हुए लोगों को भारतोली कैंप, आसपास के होटलों में ठहरा कर राहत दिलाई गई।
भूस्खलन से भारतोली तोक की पाकशाला, शौचालय, फलदार पौधे और उपजाऊ खेत जमींदोज होने के साथ-साथ यहां के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। राजस्व विभाग की टीम की ओर से क्षति का जायजा लेकर प्रभावित लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है।