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उत्तराखंड: बारिश से हुई सावन की शुरुआत, बल्दौड़ा में 16 घंटे तक बाधित रहा बदरीनाथ हाईवे

Sun, 25 Jul 2021 07:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मौसम विभाग की ओर से राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें चेतावनी जारी की गई है कि राज्य में कहीं-कहीं तेज बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
 
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बदरीनाथ हाईवे बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज रविवार को सावन माह की शुरुआत बारिश के साथ हुई है। राजधानी देहरादून सहित मसूरी, चमोली, कोटद्वार सहित कई इलाकों में बारिश हुई। जिससे मौसम में थोड़ी ठंडक आ गई। वहीं डोईवाला, रुद्रप्रयाग, यमुनोत्री, नैनीताल, भवाली, रामनगर और पिथौरागढ़ में बादल छाए हुए हैं।

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चट्टान टूटने से बल्दौड़ा में 16 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
बारिश के दौरान शनिवार रात को करीब 10 बजे बदरीनाथ हाईवे पर बल्दौड़ा में चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे करीब 16 घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। हाईवे बंद होने के कारण यहां वाहनों का जाम लग गया और पर्यटकों के साथ ही सेना के जवान भी यहां फंसे रहे।  रविवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की दो जेसीबी से हाईवे से बोल्डर हटाए, जिसके बाद अपराह्न दो बजे तक हाईवे वाहनों के लिए सुचारु हो पाया। हालांकि अभी भी यहां पर हाईवे खतरनाक बना हुआ है। चट्टान पर अभी भी बोल्डर अटके हुए हैं, जो कभी भी हाईवे पर आ सकते हैं।

इन दिनों बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड परियोजना का कार्य चल रहा है। बल्दौड़ा में भी परियोजना कार्य चल रहा है। पिछले कई दिनों से गोविंदघाट क्षेत्र में रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है। शनिवार रात को भी करीब दस बजे से क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी और यहां अचानक हाईवे पर चट्टान का एक हिस्सा टूटकर आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चट्टान से बोल्डर इतनी जोर से हाईवे पर गिरे कि इसकी आवाज जोशीमठ और गोविंदघाट तक के लोगों ने सुनीं। रविवार को जैसे ही जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो बल्दौड़ा में हाईवे बाधित होने से वाहनों के पहिए थम गए। सेना के साथ ही फूलों की घाटी के सैर-सपाटे के लिए जा रहे पर्यटकों के वाहन भी जाम में फंस गए। उन्होंने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया। 
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बीआरओ के अधिकारियों को भी हाईवे बाधित होने की सूचना रात को ही मिल गई थी, लेकिन यहां लाइट की कोई सुविधा न होने और बारिश को देखते हुए सुबह छह बजे से ही हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया गया था। जेसीबी से बोल्डरों को हाईवे से हटाया गया, तब जाकर दोपहर दो बजे तक वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। हाईवे सुचारु होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया है।

जेसीबी मशीन पर बोल्डर गिरने से ऑपरेटर की मौत
चंपावत जिले में सीम-खिरद्वारी मोटर मार्ग पर कटिंग के दौरान बोल्डर जेसीबी मशीन के ऊपर गिर गया। हादसे में हेल्पर की मौत हो गई है। बता दें कि टनकपुर-जौलजीबी रोड में सिम से  खिरद्वारी तक विधायक निधि से तीन किमी रोड कटिंग का काम चल रहा है। मृतक भास्कर तिवारी (23) बागेश्वर का निवासी बताया गया है।

राज्य में ऑरेंज अलर्ट
राज्य के अधिकांश स्थानों पर आज गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग की ओर से राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें चेतावनी जारी की गई है कि राज्य में कहीं-कहीं तेज बौछार के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

देहरादून में गर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। जबकि रविवार को देहरादून में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 30 डिग्री और 23 डिग्री के लगभग रह सकता है।

क्षेत्रपाल में बदरीनाथ हाईवे की स्थिति हुई बदहाल

चमोली जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे के साथ ही संपर्क मार्गों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल भूस्खलन क्षेत्र में दलदल में तब्दील हो गया है। यहां छोटे वाहन दलदल में फंस रहे हैं।

इसके साथ ही पागलनाला, गुलाबकोटी, बिरही और हनुमान चट्टी से आगे जगह-जगह हाईवे पर मलबा आने से यातायात संचालन में दिक्कतें हो रही हैं। 

जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर सड़कों की दशा सुधार ली जाएगी। 
 
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फिर बंद हुआ टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच

टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन से वाहनों का संचालन बेहद जोखिम भरा हो गया है। शनिवार को इस मार्ग पर स्वांला के पास  बारिश के ही करीब 300 मीटर ऊंची पहाड़ी भरभरा कर गिरने लगी। राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे यह सड़क फिर बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। रविवार शाम तक मार्ग खुलने की संभावना है।

कार्यदायी संस्था एनएच की ओर से जेसीबी और पौकलैंड माध्यम से मलबे को साफ किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वांला गांव भी भूस्खलन की जद में आ गया है। गांव के दोनों तरफ  लगातार पहाड़ खिसकने से गांव को खतरा पैदा हो गया है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।

ग्राम प्रधान ममता भट्ट ने बताया कि स्वांला गांव के 80 परिवारों को लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का डर दिन रात सता रहा है। लगातार एनएच पर ऊपर से पहाड़ी का दरकना गांव वालों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

इधर, भारतोली के पास पहाड़ी दरकने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। पुलिस ने मरोड़ाखान में बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही को पूर्ण रूप से रोक दिया था। राजमार्ग बाधित होने से सड़क पर लगे जाम में लोहाघाट व पिथौरागढ़ से आने जाने वाले कई वाहन फंस गए। रात के समय पुलिस ने फंसे हुए लोगों को भारतोली कैंप, आसपास के होटलों में ठहरा कर राहत दिलाई गई।

भूस्खलन से भारतोली तोक की पाकशाला, शौचालय, फलदार पौधे और उपजाऊ खेत जमींदोज होने के साथ-साथ यहां के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। राजस्व विभाग की टीम की ओर से क्षति का जायजा लेकर प्रभावित लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है। 
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