टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतोली का मलबा सबसे बन रहा है। सात दिन बाद भी हाईवे नहीं खुल सका है। पिछले शुक्रवार से बंद राष्ट्रीय राजमार्ग तमाम प्रयासों के बावजूद सातवें दिन भी नहीं खुला। शाम को कुछ देर के लिए धौन में भी मलबा आया, जिसे एक घंटे में हटा लिया गया, लेकिन टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग के बीच भारतोली के पास 70 मीटर मलबा साफ नहीं हो सका। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि सड़क खोलने के लिए पांच मशीनें लगाई गई हैं। लगातार मलबा आने से काम में दिक्कत आ रही है। चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सात (चंपावत-मंच-तामली, धौन-दियूरी, असलाड़-पाशम, चौड़ाकोट आंतरिक मार्ग, पटनगांव-कजीना पुनौली, स्याला-पोथ, डूंगराबोरा-कायल) सड़कें भी बंद हैं। इन सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारतोली के पास भूस्खलन से खतरे की जद में आए आठ परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित जगहों पर भेज दिया है।
पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से युवक की मौत
दारमा घाटी के पंचाचूली के बुग्याल में बकरी चराने गए युवक की पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई है। ग्राम उपचिया निवासी अमर सिंह (38) पंचाचूली बुग्याल बकरियां चराने के लिए गए थे। अचानक पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से मौके में ही मौत हो गई। घटना की जानकारी प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र दानू ने एसडीएम को दी। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। शव दुग्तू गांव लाया जाएगा। अमर सिंह के दो पुत्री और एक पुत्र हैं। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। मृतक के पोस्टमार्टम के लिए हेलीकॉप्टर से टीम भेजी जा रही है।
बागेश्वर: छह मकान क्षतिग्रस्त मंदिर भी खतरे की जद में
बागेश्वर जिले के ज्वाणास्टेट, पिंगलो, गनीगांव, दुदिला और जखेड़ा में छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए। खोलियागांव में भूस्खलन से छुरमल देवता का मंदिर खतरे की जद में है। जिले में पांच सड़कों पर यातायात अवरुद्ध होने से करीब 15 हजार की आबादी के लिए दिक्कत पैदा हो गई है।
लगातार हो रही बारिश और बिंदाल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से गुरुवार रात सत्तोवाली में पुस्ता ढह गया। इससे आसपास के कई घरों में पानी घुस गया। मेयर सुनील उनियाल गामा और कैंट विधायक हरबंस कपूर ने तुरंत कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर प्रभावितों के बचाव और राहत का काम शुरू कर दिया। खतरे की आशंका को देखते हुए कई परिवारों को पास की धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है। देर रात तक वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम जारी रहा।
सत्तोवाली क्षेत्र वार्ड 45 गांधी ग्राम में बिंदाल नदी के तेज बहाव से पुस्ता टूट गया और मकान की नींव तक पानी भर गया। इससे कई मकानों की नींव खोखली हो गई। मकानों के नीचे मिट्टी धंसने लगी और मकान तिरछे होने लगे। इस पर आनन-फानन में करीब दो दर्जन परिवारों को वहां से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
पुस्ता टूटने और घरों को नुकसान होने की सूचना मिलते ही मेयर गामा और विधायक कपूर ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मेयर गामा ने बताया कि जिन घरों को खतरा बना हुआ है, उन सभी को खाली कराया जा रहा है।
देर रात फिर तेज बारिश होने से बचाव और राहत कार्य पर भी असर पड़ा। उन्होंने बताया कि करीब 60 घरों को खतरा बना हुआ है। इंस्पेक्टर पटेलनगर प्रदीप राणा ने बताया कि कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर ही तैनात है।
कई इलाकों में जलभराव से परेशान रहे लोग
राजधानी के कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। बिंदाल और रिस्पना से लगी बस्तियों में बड़ी संख्या में लोगों के घरों में पानी भर गया। वहीं, दोनों नदियों में उफान के बाद तटवर्ती क्षेत्रों को खाली कराया गया।