स्टाफिंग पैटर्न के विरोध में देहरादून स्थित कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने बुधवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
कर्मचारियों ने धरने पर बैठकर लगाए नारे
हाजिरी रजिस्टर में दस्तखत करने के बाद कर्मचारी धरने पर बैठ गए और प्रशासन विरोधी नारे लगाते रहे।
इधर एडीएम प्रशासन झरना कमठान से कुछ कार्मिकों ने शिकायत की है कि ज्वाइन करने के बाद उन्हें सीट पर बैठने नहीं दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी संयुक्त कार्यालय के सामने कर्मचारी धरने पर बैठे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि दो-तीन महीने में कलेक्ट्रेट पुनर्गठन का मामला शासन से स्पष्ट हो जाएगा उसके पहले स्टाफिंग पैटर्न लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कार्मिकों के तबादले का आदेश भी जारी कर दिया। पदनामों और सीटों में भी बदलाव कर दिया।
कर्मचारियों का कहना था कि स्टाफिंग पैटर्न वापस न लिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा। इधर जिलाधिकारी के आदेश पर कुछ कर्मचारियों ने नए स्थान पर ज्वाइन कर लिया। लेकिन उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा है।
इस पर कुछ कर्मचारियों ने एडीएम प्रशासन झरना कमठान से शिकायत की है। कर्मचारियों की शिकायत है कि कार्मिक कमाऊ कुरसी छोड़ना कुछ कार्मिकों को खल रहा है।
लोगों ने शिकायती पत्र कंट्रोल रूम में दिए
मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों के कार्य बहिष्कार पर रहने की वजह से लोगों के शिकायती पत्र जिला आपदा कंट्रोल रूम में लिए गए। लेकिन यह व्यवस्था ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं थी।
लोग शिकायती पत्र लिए भटककर लौट गए। डिप्टी कलक्टर एनएस डांगी ने बताया कि कंट्रोल में 70 लोगों ने अपनी दिक्कत से संबंधित पत्र दिए हैं।