जहां एक ओर प्रकाश पंत को विधायी और संसदीय कार्य मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। सूत्रों से खबर है कि शिक्षा विभाग को लेने से मंत्री कतरा रहे हैं। वहीं खेल विभाग पर अधिकतर मंत्री अपनी नजर लगाए बैठे हैं।
उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार में जहां कई मंत्री खेल विभाग पर नजर टिकाए बैठे हैं तो वहीं 'अशुभ' माना जाने वाला शिक्षा मंत्रालय कोई भी मंत्री नहीं लेना चाहता है। दरअसल शिक्षा मंत्रालय को लेकर एक मिथक बन गया है कि जिसके पास भी यह विभाग रहा उसकी चुनाव में हार हुई। हरीश रावत सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मंत्री प्रसाद नैथानी भी देवप्रयाग सीट से चुनाव हार गए।
दूसरी ओर सूत्र यह भी बताते हैं कि शिक्षा विभाग की कमान संभालने को कोई भी मंत्री तैयार नहीं है। कई मंत्री तो शिक्षा विभाग लेने से साफ इंकार कर चुके हैं। इसके पीछे उस मिथक को ही वजह माना जा रहा है जिसमें कोई भी मंत्री शिक्षा मंत्री रहते हुए आज तक उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में जीत नहीं पाया है।