दिल्ली धमाके के बाद तेज हुई आरोपी की जांच
एसटीएफ के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि राठौर की गतिविधियां संदिग्ध थी, जिसकी जांच की जा रही थी, लेकिन दिल्ली ब्लास्ट के बाद आशंका पैदा हुई कि ब्लास्ट में उसका कनेक्शन हो सकता है, इसलिए जांच की गति बढ़ा दी गई, हालांकि उसका ब्लास्ट में कोई कनेक्शन सामने नहीं आया, लेकिन अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिलने के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया।
पश्चिम बंगाल की लड़की ने दिए पाकिस्तानी लिंक
छानबीन में पता चला कि राठौर को पश्चिम बंगाल की एक युवती ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह के नेटवर्क में शामिल किया था। उसी युवती ने सौरभ को पाकिस्तान और सऊदी अरब के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए और उन पर संपर्क करने को कहा। इस गिरोह की ठगी की हजारों-लाखों की रकम लक्सर क्षेत्र के गांव तिलकपुरी के निवासियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में जमा की जा रही थी। इन संदिग्ध खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों (जैसे हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश) में 25 शिकायतें दर्ज मिली हैं। खातों में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया।