मनीष कुमार झा को जाफर विवाद के बाद टीम को संभालने का इनाम मिला है। हालांकि जाफर की तुलना में उनके बेहद छोटे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय करियर को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दूसरी ओर, सीएयू पदाधिकारियों का तर्क है कि मनीष कोचिंग के मामले में जाफर से कई गुना ज्यादा अनुभवी हैं। बीसीसीआई के लेवल टू कोच मनीष रणजी ट्रॉफी में सर्विसेज और मणिपुर क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
वसीम जाफर के कोच पद से इस्तीफा देने के बाद इसी साल 11 फरवरी को सीएयू ने मनीष कुमार झा को हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब अन्य सभी आयु वर्गों के लिए भी कोच की तैनाती की गई है। मनीष दिल्ली की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-23 टीम के कोच के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
2020-21 में उन्हें भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम का फिल्डिंग कोच भी तैनात किया गया, हालांकि उत्तराखंड से जुड़े होने के चलते उन्होंने वहां काम नहीं किया। सीएयू सचिव महिम वर्मा ने बताया कि मनीष काफी समय से कोचिंग से जुड़े हैं। उनके अनुभव का लाभ टीम को मिलेगा।
क्रिकेट करियर व रिकॉर्ड्स में जाफर कोसों आगे
क्रिकेट करियर और रिकॉर्ड्स के मामले में जाफर कोसों आगे हैं। जाफर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 31 टेस्ट मैच में 1944, दो वनडे में 10 और 23 टी-20 में 616 रन बनाए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 260 मुकाबलों में उन्होंने 19410 रन बनाए, जिसमें से 10 हजार से ज्यादा रन उन्होंने अकेले रणजी ट्रॉफी में बनाए। लिस्ट ए के 118 मुकाबलों में उन्होंने 4849 रन बनाए हैं। वहीं, दूसरी मनीष कुमार झा ने लिस्ट के ए के 20 मुकाबलों में महज 31 रन बनाए और 19 विकेट लिए। छह फर्स्ट क्लास मुकाबलों में उन्होंने छह रन बनाए 12 विकेट लिए। उन्होंने एक मुकाबले में छह विकेट भी चटकाए, जो उनका श्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।