केस-1
उत्तर प्रदेश के एक शहर का रहने वाला कैदी देहरादून जेल में सजा काट रहा था। पिछले माह जब उसे घर लेजाया गया तो घरवालों ने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां खतरा है लिहाजा वह जेल ही चला जाए। इसके बाद उसने पुन: कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया जिस पर सुनवाई करते हुए संबंधित कोर्ट ने उसे वापस जेल भेजने के आदेश दिए।
केस-2
एक कैदी को पैरोल के बाद पुलिस जब संबंधित थाने लेकर पहुंची तो पता चला कि उसके घरवाले बिहार चले गए हैं। ऐसे में उसने बिहार जाने के बजाय वापस जेल जाना ही बेहतर समझा।
कई कैदियों ने साफ कहा है कि वे घर के बजाय जेल में ज्यादा सुरक्षित हैं। इनमें शुरुआत में दो महिलाएं शामिल थीं। हालांकि कुछ समय बाद एक स्थानीय महिला को पैरोल पर छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी कैदियों के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई कर उन्हें वापस जेल में ही रखा गया है।
- नेहा कुशवाह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण