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Uttarakhand Lockdown : लॉकडाउन के बीच बेहद मुश्किल हालात में किराये पर रह रहे लोग

Fri, 08 May 2020 04:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • घर और दुकान किराये पर लेने वालों को हो रही सबसे अधिक परेशानी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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लॉकडाउन के दौरान हर वर्ग पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कई को सरकार से राहत मिली तो कुछ को पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मदद पहुंचाई, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी बहुत से लोगों का काम धंधा पटरी पर नहीं लौटा है।

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इनमें सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई, जो किराये के मकान में रह रहे हैं और किराये पर दुकान ली हुई है। ऐसे में काम धंधा बंद होने से इन दिनों किराये के परेशान हैं।

हालांकि, संकट के ऐसे समय में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने किरायेदाराें का या तो किराया माफ कर दिया है या फिर आगे किश्तों में देने की बात कही है। ऐसे लोगों की जमकर सराहना हो रही है।
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कई लोगों का कहना है कि मुश्किल वक्त में सभी मकान और दुकान मालिकों को अपने किरायेदारों को सहयोग करना चाहिए। पैसा तो वे जीवनभर कमाते ही रहेंगे।

लॉकडाउन लागू होने के बाद स्थानीय प्रशासन और सरकार ने मजदूरों व छात्रों पर किराये के लिए दबाव न बनाने की हिदायत दी थी। कुछ लोगों पर इसका प्रभाव भी हुआ, लेकिन कई ने इस हिदायत को दरकिनार कर दिया।

किरायेदारों ने इस बीच कानूनी मदद भी ली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि उन्होंने कई मसले किरायेदारों और मकान मालिकों के सुलझाए हैं।

इस बीच कुछ मकान मालिक किराये के लिए दबाव बना रहे हैं तो कुछ ने किरायेदारों को किराया किश्तों में बांटकर राहत भी पहुंचाई है।

लॉकडाउन के कारण इन दिनों फास्ट फूड की दुकान बंद है। ऐसे में अब किराया देना बेहद मुश्किल हो रहा है। - मनोज कुंडलिया, टी-एस्टेट बंजारावाला

लॉकडाउन के कारण काम बंद है तो कमाई भी नहीं है। ऐसे में किराया देना बहुतमुश्किल हो रहा है। - उमेश, भागीरथीपुरम

रोज कमाकर खाने वालों के साथ तो परेशानी होती ही है। डेढ़ माह से सारे काम धंधे बंद हैं। ऐसे में किराये के बारे में सोचने से भी डर लग रहा है। - राजकुमार
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हमारे मकान मालिक ने हमें राहत दी है। इससे पहले हमें डर लग रहा था कि कहां से किराया देंगे। मैं सभी से अपील करता हूं कि जैसा हमारे मकान मालिक ने हमसे किश्तों में किराया लिया, ऐसे ही अपने किरायेदारों को सब राहत दें। - संदीप सिंह, भंडारीबाग

इन दिनों कमाई पूरी तरह बंद है। यह अच्छा है कि हमारे मकान मालिक हमें सपोर्ट करते हैं। नहीं तो बहुत परेशानी हो जाती। - लक्ष्मी राज, नेहरू कॉलोनी

लॉकडाउन में परिवार का खर्च चलाने के लिए काम बदला था। अब सब्जी की फेरी की लगाता हूं, लेकिन किराये के लिए परेशान तो हैं ही। - विजयपाल, बंजारावाला

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