31 मार्च को राष्ट्रीय बचत की ब्याज दरों में करीब डेढ़ प्रतिशत की कटौती की गई। इसी तरह से एफडी की ब्याज दरों को घटाया गया, जिसका सीधा नुकसान मध्यम वर्ग को हुआ।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि सरकार को अगर पैसे ही जुटाने हैं तो अपना फिजूल खर्च कम करे। प्रीतम सिंह के मुताबिक बुलेट ट्रेन से लेकर सेंट्रल विस्टा तक की योजनाओं के खर्च को सरकार ने कम नहीं किया।
प्रदेश सरकार के सामने भी यह बेहतर मौका है कि वह अपने गैरजरूरी खर्च का आकलन करे और देखे कि बचत कहां और किस तरह से हो सकती है।