कोरोना महामारी के संकट से जूझ रही कंपनियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एक ओर राहत दी है। ईपीएफओ ने ऐसी कंपनियों को बिना भुगतान किए इलेक्ट्रॉनिक -चालान कम रिटर्न यानी ईसीआर भरने की अनुमति दे दी है। ईपीएफओ देहरादून के रीजनल कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से इस समय सभी कंपनियों का परिचालन बाधित हुआ है।
कारोबार ठप होने से उनके समक्ष वित्तीय संकट खड़ा हो रहा है और कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों को बनाए रखना एवं वैधानिक बकायों का भुगतान भी कर पाना कठिन हो रहा है। इसी मुश्किल को आसान करने के लिए ईपीएफओ ने कंपनियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान करते हुए ईपीएफ एंड एमपी एक्ट,1952 के तहत मासिक इलेक्ट्रॉनिक-चालान कम रिटर्न (ईसीआर) को वैधानिक योगदान के भुगतान से अलग करने की सुविधा दी है।
अब नियोक्ता (कंपनियां) भुगतान किए बिना भी ईसीआर दाखिल कर सकती हैं और अपने योगदान का भुगतान बाद में भी किया जा सकता है। इस सुविधा से उन सभी कंपनियों और कर्मचारियों को सहूलियत होगी, जो पीएफ के इस एक्ट और स्कीम के अंतर्गत आते है। समय पर केवल ईसीआर भरने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी। इससे कंपनियों को सरकार द्वारा घोषित 3 महिनों के लिए 24% पीएफ अंशदान का फायदा प्राप्त होगा।