अन्य लोग अन्य स्थानों पर रहते हैं। उन लोगों ने मकान मालिकों को किराया भी नहीं दिया है। अब तक खाने के लिए पैसे थे। अब खाने के लिए पैसे भी नहीं हैं। बताया कि उन लोगों ने विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के सामने समस्या रखी थी। उसके बाद देहरादून से किसी व्यक्ति का उनके पास फोन आया था। आर्थिक मदद के लिए कह रहे थे लेकिन वह लोग किसी भी तरह घर वापसी चाहते हैं।
मुंबई में 22 ही नहीं भारी संख्या में क्षेत्र के लोग फंसे हुए हैं। गुजरात में भी यहां के लोग फंसे हैं। इन सभी को तीन मई के बाद राज्य सरकार वहां से निकालेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री से बात हो गई है।
-बलवंत सिंह भौर्याल विधायक, कपकोट