उत्तराखंड के पहाड़ों में नए उद्योग लगाने के लिए सिडकुल लैंड बैंक तैयार करेगा। खाली भूमि चिन्हित करने को गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी तैनात किए जाएंगे। पहाड़ों में लैंड बैंक बनने से निवेशकों को पर्यटन, वेलनेस, आयुष, फूड प्रोसेसिंग समेत अन्य क्षेत्रों में उद्योग लगाने में आसानी होगी। निवेशकों को यह पता होगा कि किस जिले में कहां जमीन उपलब्ध है।
त्रिवेंद्र सरकार का पलायन रोकने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए पहाड़ों में नए उद्योगों पर फोकस है। पिछले साल इन्वेस्टर्स समिट में सरकार ने 1.24 लाख करोड़ के 673 प्रस्ताव पर निवेशकों के साथ एमओयू हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उद्योगों को धरातल पर उतारने के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि निवेशकों को यह पता नहीं है कि उद्योग लगाने के लिए कहां जमीन है। इसे देखते हुए अब सिडकुल खासतौर पर पहाड़ों में लैंड बैंक तैयार करने जा रहा है। इसके लिए गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी तैनात किए जाएंगे। पहाड़ों में जहां भी छोटी-छोटी जमीन खाली पड़ी है। उसे उद्योगों के लिए चिन्हित किया जाएगा।
हरिद्वार के लक्सर में देखी जा रही जमीन
राज्य में उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशक हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर जनपद में जमीन की डिमांड कर रहे हैं। जबकि शहरों में सरकार के पास खाली जमीन नहीं है। हरिद्वार जिले के लक्सर में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन, वेलनेस सेक्टर के उद्योगों के लिए लैंड बैंक बनाया जाएगा। पहाड़ों में जहां भी जमीन खाली पड़ी है, उसे चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए रिटायर्ड राजस्व अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। लैंड बैंक तैयार होने से निवेशकों को उद्योग लगाने में आसानी होगी।
-एसए मुरुगेशन, प्रबंध निदेशक, सिडकुल
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