देहरादून राजधानी व आसपास के इलाकों में दोपहिया व चौपहिया वाहनों के प्रदूषण की जांच को लेकर मारामारी जारी है। परिवहन विभाग की ओर से राजधानी के विभिन्न इलाकों में आठ नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के बावजूद अभी भी प्रदूषण जांच केंद्रों पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी हैं। आलम यह है कि गाड़ियों की प्रदूषण जांच को लेकर वाहन स्वामी अब भी सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से प्रदूषण कागजातों की जांच एक नवंबर से करने के दावे किए जा रहे हैं।
राजधानी में वर्तमान में 27 प्रदूषण जांच केंद्रों पर गाड़ियों की जांच की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किए जाने के एक माह बाद अभी भी राजधानी में लाखों गाड़ियों की प्रदूषण जांच नहीं हो पाई है। हरिद्वार बाईपास स्थित एक जांच के संचालक ने बताया कि उनके यहां 19 अक्तूबर तक के टोकन बट चुके हैं। उन्हीं के आधार पर लोगों की जांच की जा रही है।
एआरटीओ अरविंद पांडे का कहना है कि राजधानी में 19 प्रदूषण जांच केंद्र पहले संचालित थे। जबकि आठ नए जांच केंद्र खोले गए हैं। ऐसे में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। गाड़ियों के प्रदूषण जांच को लेकर बहुत अधिक हायतौबा मचाने की जरूरत नहीं है। एक माह के भीतर स्थिति काफी हद तक सामान्य हो जाएगी। साथ ही कई और प्रदूषण जांच केंद्रों को खोलने को लेकर आवेदन किए गए हैं। मुख्यालय स्तर से जांच केंद्रों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जल्द ही नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी।
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