इन पर लगाई गई पाबंदी
- युवतियों द्वारा दूल्हे व उसके साथियों का स्वागत।
- खड़े होकर खाना, महिलाओं की बेपर्दगी।
- मर्दों के साथ महिलाओं के खाने।
- दहेज की मांग, आतिशबाजी, गाना, वीडियोग्राफी।
- किसी भी त्यौहार पर त्यौहारी लेना।
- दूल्हा दुल्हन का एक साथ बैठकर खाना खाना और नुमाइश।
- लड़की वाले का बिरादरी को खाना देना।
- बिना किसी वजह के तलाक देना।
- रिश्ते में लड़के को सोने की अंगुठी देना या लड़के की मां व किसी भी रिश्तेदार को आाभूषण देना।
इन पर लिया गया फैसला
- विवाह के प्रोग्राम में उलेमाओं से मशवरा करना।
- जन्मदिन पर बेहूदा रस्मों से परहेज।
- तलाक के मामलों में उलेमाओं को शरीक करना।
- बारात में पांच तरीके का खाना बनवाना होगा।
- लड़कियों का माबाइल फोन इस्तेमाल करना।
पिछले कई दिनों से नगर के प्रत्येक मोहल्ले की मस्जिदों में पहले लोगों को जागरूक किया। उसके बाद सभी बिरादरी के लोगों को जमा करके समाज में फैल रही बुराईयों पर चर्चा की। आम पांचायत में सभी की सहमति से नियम बनाए गए। नियमों का पालन न करने पर तय किया गया कि उलेमा उसका बायकाट कर नमाज-ए-जनाजा और निकाह तक नही पढ़ाएंगे।
- मौलाना साजिद रजा, सद्र तहरीक इस्लाहे मुआशरा उलमा-ए-अहलेसुन्नत, जसपुर।