वहीं, एक्सईएन पुरुषोत्तम, सिंचाई खंड हरिद्वार को कार्यों को टुकड़ों में बांटने, गुणवत्ता की नियमित जांच न करने और कार्य की धीमी प्रगति के आधार पर निलंबित किया गया है। पुरुषोत्तम के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। उन्हें सिंचाई खंड हरिद्वार से अटैच किया गया है।
उधर, शासन ने टेंडर समय से पहले खोलने के आरोप में सिंचाई कार्य पुनर्वास मंडल ऋषिकेश, प्रेम सिंह पंवार को निलंबित किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2019 को सिंचाई कार्य मंडल हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। पंवार को प्रमुख अभियंता कार्यालय सिंचाई विभाग में अटैच किया गया है। सिंचाई सचिव डॉ.भूपिंदर कौर औलख ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक कुंभ कार्याें में लापरवाही बरतने के आरोप में अभी और दो इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई पर शासन में विचार किया जा रहा है। दोनों के मामलों में जांच अभी जारी है। बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री ने कुंभ कार्य की समीक्षा के दौरान धीमी गति से कार्य होने पर नाराजगी जताई थी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।