प्रदेश के सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त पेंशनरों के पहली बार पहचानपत्र बनाए जाएंगे। इससे सरकार के पास पेंशनरों का डाटा उपलब्ध होगा और पेंशनरों को पहचान मिलेगी। शासन ने पहचानपत्र के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने के लिए निदेशक कोषागार पेंशन एवं हकदारी को अधिकृत कर दिया है।
विज्ञापन
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन की ओर से लंबे समय से प्रदेश के पेंशनरों के पहचानपत्र बनाने की मांग की जा रही है। अगस्त में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पेंशनरों की मांग पर हुई बैठक में पहचानपत्र बनाने का निर्णय लिया गया। कार्मिक विभाग की सहमति के बाद वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने विभाग को पहचानपत्र जारी करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निदेशक कोषागार पेंशन व हकदारी को एसओपी जारी करने के लिए अधिकृत किया है।
गवर्नमेँट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन के सदस्य एवं उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे का कहना है कि पेंशनरों की मांग पर सरकार ने सराहनीय निर्णय लिया है। पहचान पत्र बनाने के साथ प्रदेश भर के पेंशनरों का अपडेट डाटा रहेगा। इसके साथ ही पहचान पत्र होने से पेंशनरों कहीं भी जाते हैं तो उन्हें अपनी पहचान की सुविधा होगी।