आवासीय योजना के लिए भूमि खरीदने की अनुमति को सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण स्तर पर एक सुगमता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। ये भी तय किया गया है कि भू-उपयोग परिवर्तन के आवेदन पर 10 हजार वर्ग मीटर प्राधिकरण स्तर पर तीन माह में, 10-50 हजार वर्ग मीटर पर आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण को चार माह में, 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक पर संबंधित प्राधिकरण या नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को 15 दिन में निर्णय लेना होगा। मास्टर प्लान से बाहर भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया एक माह में पूरी करनी होगी।
कत्यूर व चंद राजाओं की शैली है बाखली
पर्वतीय क्षेत्रों में जीवन, रहन-सहन की संस्कृति को बाखली शैली से समझा जा सकता है। दर्जनों परिवारों को एक साथ रहने के लिए पहाड़ में बनने वाले ये भवन सामूहिक रहन-सहन, एकजुटता और सहयोग की भावना को परिलक्षित करते हैं। इनकी बनावट ऐसी होती थी कि आपदा के समय में एक साथ होकर चुनौतियां का सामना कर सकें। बताया जाता है कि कत्यूर व चंद राजाओं ने भवनों के निर्माण की इस शैली को विकसित किया था।