हाई कोर्ट की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि तस्करों की पहचान के लिए सभी विभागों के तालमेल से स्पेशल सेल का गठन करें। 18 साल के बच्चों को नशीला पदार्थ बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।
कहा कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में नशा उन्मूलन क्लब का गठन करें। कोर्ट ने 4 हफ्तों के अंदर नार्कोटिक ड्रग्स के लिये नियम बनाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने राष्ट्रीय नार्कोटिक कंट्रोल पॉलिसी के सभी प्रावधानों को अमल में लाने के भी आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा कि इस पर नजर रखने के लिये शिक्षा व स्वास्थ्य सचिव नोडल अधिकारी होंगे। सुनवाई के दौरान निदेशक जेल को आदेश दिया गया है कि जो भी कैदी जेल में लाया जाए, उसका नार्कोटिक परिक्षण किया जाए। अगर कैदी में ऐसे लक्षण पाये जाते हैं तो उसका इलाज नशा मुक्ति केंद्र में कराया जाए।
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