आरोप था कि हमलावरों ने उसका मोबाइल तथा सोने की चेन लूट ली। जाते समय धमकी भी दी गई कि प्लाट खाली कर दें। उमेश शर्मा की ओर से दाखिल की गई याचिका में कहा गया कि इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए। उसके (उमेश शर्मा ) खिलाफ एक के बाद एक एफआईआर दर्ज की जा रहीं हैं।
बता दें कि आईएएस स्टिंग और ब्लैकमेलिंग के आरोपी उमेश शर्मा को हाईकोर्ट पहले भी बड़ी राहत दे चुका है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उमेश शर्मा के खिलाफ जारी बी वारंट पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने आइओ को निर्देश दिए है कि वह 5 दिसम्बर तक या तो जवाब पेश करें या फिर खुद कोर्ट में पेश हों।