हाईकोर्ट ने गलत डिजाइन से बनाए गए बल्लीवाला फ्लाईओवर देहरादून पर तीन वर्ष में 12 दुर्घटनाएं होने और इन दुर्घटनाओं में 14 लोगों की मौत के मामले में सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार देहरादून के एक पत्रकार ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर बताया है कि देहरादून में बल्लीवाला फ्लाईओवर का डिजाइन गलत बनाया गया है। इसके कारण अगस्त 2016 में इस फ्लाईओवर के उद्घाटन के बाद से अब तक 12 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। आरोप लगाया गया कि फ्लाईओवर का डिजाइन बनाने वाले लोनिवि डोईवाला के तत्कालीन अधिशासी अभियंता अकुशल इंजीनियर हैं।
याचिकाकर्ता ने फ्लाईओवर का डिजाइन बनाने वाले इंजीनियर की डिग्री की जांच करवाने की मांग की है। इस पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम देवस्थानम बोर्ड में गंगोत्री धाम को भी शामिल करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बोर्ड के सीईओ को नोटिस जारी कर सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तिथि नियत की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार गंगोत्री धाम मंदिर समिति ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने गंगोत्री धाम को चारधामों में शामिल कर दिया है, जो नियम विरुद्ध है। याची ने गंगोत्री धाम को चारधाम देवस्थानम बोर्ड में शामिल न करने की मांग की है। कोर्ट ने इस मामले को चारधाम देवस्थानम से जुड़ी सुब्रह्मण्यम स्वामी की जनहित याचिका के साथ समायोजित कर दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तिथि नियत की।