हाईकोर्ट ने खटीमा पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रशासन को निर्देश दिए दिए हैं कि जिन अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट से स्टे नहीं मिला है उनके अतिक्रमण हटाकर इसकी एक सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।
सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से शपथपत्र पेश कर कहा गया कि नगर पालिका परिक्षेत्र में लगभग 460 अतिक्रमण चिह्नित हैं, जिसमे से करीब 400 अतिक्रमणकरियों को हटा दिया गया है। 60 अतिक्रमणकारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं जो कि लंबित है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जिन याचिकाओं में स्टे नहीं है, उनका अतिक्रमण हटाया जाए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार खटीमा निवासी कवींद्र सिंह कफलटिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खटीमा में लोगों ने सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में अतिक्रमण किया हुआ है, जिसके कारण वहां चलने तक का रास्ता नहीं रह गया है। इसकी शिकायत कई बार पालिका व प्रशासन से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने खटीमा को अतिक्रमण मुक्त करने की प्रार्थना की थी।