इधर, सितारगंज में दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने सिसईखेड़ा में रोक दिया। इससे गुस्साए किसानों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया जबकि नानकमत्ता थानाध्यक्ष ने कोरोना संक्रमण की वजह से किसानों को दिल्ली न जाने देने की बात कही। इधर, पूर्व विधायक नारायण पाल के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय किसान कांग्रेस (ई) के कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर किसान आंदोलन का समर्थन किया।
वहां पर अखिल भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष जागीर सिंह, मंडल अध्यक्ष दारा सिंह, मनसुख राणा, देवेश कुमार, सुरजीत सिंह, केबल सिंह, अभिषेक राणा आदि थे। वहीं, किच्छा के ग्राम दोपहरिया, नजीमाबाद, बखपुर, पनचक्की फार्म समेत तमाम क्षेत्रों से 150 किसानों का जत्था दरऊ रोड पर एकत्र हुआ बाद में सभी किसान नारेबाजी करते हुए दिल्ली की ओर रवाना हो गए। वहां पर जितेंद्र सिंह संधू, नवजोत सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुखविंदर सिंह, करमजीत सिंह, राजेंद्र सिंह खैरा, कुलदीप सिंह, रजविन्दर सिंह, अर्जुन सिंह, अंग्रेज सिंह आदि थे।
किसानों ने एचएच-87 किनारे लगाया लंगर
यूपी पुलिस और प्रशासन की ओर से ऊधमसिंह नगर के किसानों को दिल्ली जाने रोक दिया, लेकिन किसान नहीं लौटे। किसानों ने हाईवे के किनारे ही लंगर की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर वह नहीं लौटेंगे।
धान खरीद बंद होने से किसान परेशान
सरपुड़ा धान क्रय केंद्र पर खरीद बंद होने से गुस्साए किसानों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर लिमिट बढ़ाने की मांग की। ज्ञापन में वीरेंद्र राय, मोहन सिंह, टारजन, देव कुमार, ठाकुर जितेंद्र सिंह, सरवेश कुमार, दीपक, गोविंद, बाबू लाल आदि के हस्ताक्षर थे।