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सिगरेट के पैकेट पर निकोटीन और टार की मात्रा छापने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

Tue, 13 Nov 2018 08:44 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
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nainital high court - फोटो : google
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से टार और निकोटीन को लेकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि वह छह माह के भीतर विचार कर यह बताए कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा सात की उपधारा पांच के प्रावधान को लागू किया जा सकता है या नहीं।

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बता दें कि अधिनियम की इस उपधारा के तहत सिगरेट के प्रत्येक पैकेट पर निकोटीन एवं टार की मात्रा का उल्लेख करने का प्रावधान है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
 

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मामले के अनुसार धमेंद्र कंसल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अधिनियम की धारा 7 (5) के तहत सिगरेट के प्रत्येक पैकेट पर निकोटीन और टार की मात्रा का विवरण दिया जाना चाहिए।

इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से दायर जवाब में भी यह माना गया कि निकोटीन और टार स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी नुकसानदायक है।

पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा है कि केंद्र सरकार छह माह के भीतर यह तय करे कि सिगरेट एवं तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा सात की उपधारा पांच को लागू किया जा सकता है या नहीं।
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