याचिका में कहा कि सरकार ने 85 करोड़ रुपये के बकाये में से मात्र 19 करोड़ रुपये ही निगम को दिए हैं। शेष 66 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। वहीं, परिवहन सचिव ने कोर्ट को बताया कि 16 अक्तूबर को सरकार को निगम के 66 करोड़ रुपये बकाये की जानकारी दी गई थी। कोर्ट ने पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को निगम कर्मचारियों के तीन माह से रुके वेतन के लिए राशि अवमुक्त करने को कहा था।
इस पर सरकार ने 19 करोड़ रुपये जारी किए थे। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि आखिर रोडवेज कर्मचारी कब तक फ्री में गाड़ी चलाएंगे। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सरकार को शेष बचे 66 करोड़ रुपये का भुगतान दिवाली से पहले करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने वित्त सचिव व परिवहन सचिव से इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
रोडवेज कर्मियों ने वापस ली हड़ताल
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने 22 अक्तूबर की मध्य रात्रि प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली है। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कमल पपनै ने बताया कि प्रबंधन से वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है।