हाईकोर्ट ने पंजाब से मुक्त कराये हरिद्वार जनपद के बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास को लेकर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार और जिलाधिकारी हरिद्वार को प्रत्येक बंधुआ मजदूर को 20 हजार की धनराशि बतौर सहायता देने के निर्देश दिये हैं।
याची का कहना था कि ग्राम मोहपुर रुड़की (हरिद्वार) के 18 बंधुआ मजदूरों को आलमवाला, मोंगा, पंजाब से मुक्त कराया गया था। 22 जून 2014 को उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार से इन मजदूरों की देखभाल व खाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया था। जिलाधिकारी ने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की। याची ने बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास की व्यवस्था करने और इसके लिए नियम भी बनाने का आग्रह किया।