नैनीताल हाईकोर्ट ने क्वारंटीन सेंटर और कोरोना अस्पतालों की मॉनिटरिंग के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी के सदस्य संबंधित जिले के जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष व जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव सदस्य होंगे।
कमेटी की पहली बैठक 26 सितंबर शनिवार को अनिवार्य रूप से होगी। यह कमेटी निश्चित अवधि में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी, साथ ही याचिकाकर्ताओं से भी संपर्क बनाए रखेगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, देहरादून के सच्चिदानंद डबराल ने क्वारंटीन सेंटरों व कोविड अस्पतालों की बदहाली तथा उत्तराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों की मदद और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट में अलग अलग जनहित याचिकाएं दायर कीं थीं।
पूर्व में बदहाल क्वारंटीन सेंटरों के मामले में जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर माना था कि उत्तराखंड के सभी क्वारंटीन सेंटर बदहाल स्थिति में हैं और सरकार की ओर से वहां पर प्रवासियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अस्पतालों और सेंटरों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के आदेश दिए ।