नैनीताल हाईकोर्ट ने हल्दूचौड़ दीना के जयराम गांव में घनी आबादी और कृषि भूमि के बीच लगाए जा रहे स्टोन क्रशर स्क्रीनिंग प्लांट के निर्माण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना स्क्रीनिंग प्लांट का निर्माण न होने देने दे। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई।
हल्दूचौड़ दीना निवासी पूरन चंद्र दुम्का और कैलाश चंद्र दुम्का ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्दूचौड़ दीना में मानकों के विपरीत आबादी व कृषि भूमि के बीच स्टोन क्रशर लगाया जा रहा है। क्रशर की नदी से दूरी 2 किमी है, जबकि यह दूरी 3 किमी से अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा, लगाया जा रहा क्रशर धार्मिक स्थल, स्कूल और आबादी के निकट है।
सुनवाई के दौरान क्रशर स्वामी की ओर से उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष स्क्रीनिंग प्लांट लगाने की अनुमति दिए जाने के लिए आवेदन किया है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोर्ट को बताया कि स्क्रीनिंग प्लांट को लगाने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना स्क्रीनिंग प्लांट का निर्माण न होने दिया जाए।