13 इंस्टीट्यूटों की जांच चल रही है जो कि पूरी होने को है। उन्होंने कहा कि देहरादून की जांच अभी बाकी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार देहरादून निवासी राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों का छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया है।
इससे स्पष्ट होता है कि 2003 से अब तक विभाग ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। 2017 में इसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित की थी और तीन माह के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा था। याचिका में कहा गया कि मामले इस पर आगे की कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।